स्लीप एपनिया




डॉ. राजेश स्वर्णकार
सलाहकार एवं निदेशक
गेट वेल हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेण्टर
नागपुर महाराष्ट्र-440012
संपर्क : 0712-6632203
www.lungcare.org

अच्छे स्वास्थ के लिये अच्छी नींद ;ैवनदक ैसममचद्ध, आना जरूरी है । अच्छी नींद से शारिरीक तथा मानसिक तदुरूस्ती बनी रहती है। ळववक ैसममच पे मेेमदजपंस वित भ्मंसजील स्पमिण् खर्राटे लेना एक बहुतही आम समस्या है। हम इसे गंभीरतासे नही लेते, परंतु खर्राटे आना अच्छे स्वास्थ का सूचक नही है। खर्राटे गहरी नींद का चिन्ह न हो कर इससे व्यक्ती की नींद अधूरी रहती है। नींद मे अवरोध होने के कारण खर्राटे भरनेवाले व्यक्ती दिन मे सुस्त दिखाई देते है।

खर्राटे भरने वाले व्यक्ती नींद मे बैचेनी एवं घुटन के कारण हडबडाकर उठते है, आॅक्सीजन के कमी से एकाग्रता तथा एकाग्रचिंतता भंग होती है। इसका आपकी कार्यकुषलतापर बुरा असर पडता है। खर्राटे भरना अपने आप मे एक बिमारी है और इसे स्लीप एप्नीया कहते है।

वयस्क लोगोमे नींद मे होनेवाली मौत का कारण खर्राटे लेना हो सकता है। खर्राटों के वजह से रक्तचाप, नाडीदोष, दिल का दौरा ख् ीमंतज ंजजंबा ,ए हार्ट फेल्यूअर, थायराॅईड विकार, एसिडीटी, खा सी, सांस संबंधी विकार, सिरदर्द, मोटापा, लकवा, मध्ुामेह, किडनी विकार, बांझपन, याददाष कम होने की संभावनाए बढ जाती है।

खर्राटे भरने वाले व्यक्ती से सडकपर अपघात होने का जोखिम आम व्यक्ती के मुकाबले सात गुना बढ जाता है।

स्ंाक्षिप्त मे - खर्राटे भरने वाले लोगों ने ैसममच ैजनकल केंद्र जाकर अपनी जांच कराकर संभावित दुष्प्रभाव टालने के लिये अवश्य इलाज करना चाहीये।

डॉ. राजेश स्वर्णकार